जैसा की हम सभी जानते हैं आजकल बीमारी इतनी तेज़ी से फ़ैल रहा है, ऐसे में जरूरी है कि आप अपने आपको इससे बचा कर रखें और सावधानी बरतें। बीमारी से बचने के लिए जरूरी सावधानी के साथ साथ आवश्यक है आपकी रोग प्रतिकारक शक्ति भी अच्छी हो। क्या आप जानते हैं कि हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति कहाँ से मिलती है? तो आज हम आपको यहाँ बताएंगे की हमारा शरीर किस तरह बीमारियों और इन्फेक्शन से लड़ता है और कौन इसे शक्ति प्रदान करता है। इसका जबाव है – इम्युनिटी, जिसे प्रतिरक्षा भी कहा जाता है। यह इम्युनिटी ही होती है जो हर तरह के संक्रमण से लड़ती है, फेफड़ों में होने वाली धूल को साफ करती है और कैंसर की कोशिकाओं को मारती है।

यदि आपकी इम्युनिटी सही होगी तो आप रोगों और गंभीर बिमारियों से भी लड़ पायेंगे। आइये जानते हैं इम्युनिटी क्या और कितने तरह की होती है। जानिये इम्युनिटी कैसे बढ़ाया जा सकता है और किन-किन कारणों से हमारे शरीर की इम्युनिटी कम हो सकती है और कमजोर इम्यूनिटी सिस्टम के ये होते हैं बड़े लक्षण?

इम्युनिटी के प्रकार:-

इम्युनिटी दो प्रकार की होती है- इनेट और एडेटिव इम्युनिटी।

१. इनेट इम्युनिटी: यह व्यक्ति को रोगों के प्रति सुरक्षा देती है परन्तु यह दीर्घकालिक नहीं होती।

२. एडेटिव इम्युनिटी: यह व्यक्ति को रोगों के प्रति सुरक्षा देती है साथ ही यह विशिष्ट रोगजनकों के खिलाफ दीर्घकालिक सुरक्षा भी देती है।

कमजोर इम्युनिटी(रोग प्रतिकारक शक्ति) सिस्टम के ये होते हैं बड़े लक्षण:-

crying बार-बार संक्रमण होना या ऐलर्जी

crying थकान, और सुस्ती महसूस होना

crying विटमिन डी की कमी

crying बार-बार बीमार होना

अगर आपको लगता है कि आप दूसरों की अपेक्षा बार-बार बीमार होते हैं, जुकाम की शिकायत रहती है, खांसी, गला खराब होना या स्किन रैशेज जैसी समस्या रहती है तो बहुत पॉसिबल है कि यह आपके इम्यून सिस्टम की वजह से हो। बार-बार यूटीआई, डायरिया, मसूड़ों में सूजन, मुंह में छाले वगैरह भी खराब इम्यूनिटी  के लक्षण हैं।

अगर आपको चोट लगी है और वह काफी समय से ठीक नहीं हुई है तो समझ जाइए कि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, इसी वजह से चोट ठीक नहीं हो पा रही है. अगर आप इस समस्या से जूझ रहे हैं तो अपनी डाइट में आयुर्वेदिक चीजों का सेवन करना शुरू कर दें।

इम्युनिटी(रोग प्रतिकारक शक्ति) बढ़ाने के उपाय:-

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आपने भी उपाय किए होंगे, क्योंकि ये दौर अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने का है। वैसे तो इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के कई तरीके हैं लेकिन इम्यूनिटी बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय जितने कारगर शायद ही कोई हों । इम्यूनिटी बढ़ाने के आयुर्वेदिक तरीके काफी फायदेमंद होते हैं. एक मजबूत इम्यून सिस्टम आपको कई बीमारियों और संक्रमण से दूर रख सकता है।

आयुर्वेदिक जड़ीबूटियां कई रोगों से लड़ने में कारगर मानी जाती हैं. वहीं इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने के लिए भी कुछ जड़ी बूटियों का सेवन करना काफी फायदेमंद हो सकता है. इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हर्ब्स एक नेचुरल उपाय के तौर पर काम करती हैं।

हमारे आयुर्वेदाचार्य  ने कई सारे आयुर्वेदिक ग्रंथो का अभ्यास करके 14 जड़ीबूटियों का सही मात्रा और योग्य स्वरुप में मिश्रण करके एक अत्यंत असरकारक रोग प्रतिकारक शक्ति बढ़ाने वाला मिश्रण तैयार किया है, और उसको हेल्थ गार्ड नाम दिया है जो सच में स्वास्थ्य की सुरक्षा मात्र रोग प्रतिकारक शक्ति बढ़ाने में अत्यंत असरकारक है। इन 14 जड़ीबूटियों (14 Immunity Boosting Herbs) में अश्वगंधा, गिलोय, आँवला, तुलसी, जेठीमाथ, ब्राह्मी, शतावरी, सुंठ, पीपल, हल्दी, शंखपुष्पी, काली मिर्च, शिलाजीत और परवल भस्म जैसी दुर्लभ जड़ीबूटियों का उपयोग किया गया है।

हेल्थ गार्ड पाउडर से मिलने वाले लाभ

yes दैनिक रोग प्रतिकारक शक्ति को मजबूत करता है और बनाए रखता है
yes रोग प्रतिकारक कोशिकाओं की गतिविधि को बेहतर बनाने में मदद करता है।
yes यह आपके शरीर में खोई हुई ऊर्जा को पुनर्स्थापित करता है।
yes रोग प्रतिकारक शक्ति को बढ़ावा देता है और रोग से लड़ता है।
yes श्वसन तंत्र के संक्रमण के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन करता है।
yes अश्वगंधा रोग प्रतिकारक कोशिकाओं की गतिविधि में सुधार करता है, सूजन को कम करता है।
yes अमला में प्राकृतिक एंटी-ऑक्सीडेंट और इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुण होते हैं।
yes सुंठ- थकान से लड़ने और सहनशक्ति, शक्ति, ऊर्जा, जीवन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है।
yes गालो पाउडर रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है, रोग पैदा करने वाले रोगाणुओं से लड़ता है।
yes श्वसन तंत्र को संक्रमण होने से  बचाता है।
yes यह थकान से लड़ने और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है।

 

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