अग्निमांद्य या जठराग्नि का मंद होना ही दुबलेपन का प्रमुख कारण है। अग्नि के मंद होने से व्यक्ति अल्प मात्रा में भोजन करता है, जिससे आहार रस या 'रस' धातु का निर्माण भी अल्प मात्रा में होता है। इस कारण आगे बनने वाले अन्य धातु (रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा और शुक्रधातु) भी पोषणाभाव से अत्यंत अल्प मात्रा में रह जाते हैं, जिसके परिणाम स्वरुप व्यक्ति निरंतर दुबला होता जाता है। इसके अल्प मात्रा में भोजन तथा बासी अन्नपान का अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से भी शरीर की धातुओं का पोषण नहीं होता

बॉडी को शेप में लाने के लिए लोग जिम में जी तोड़ मेहनत करते हैं. कई लोगों का सवाल होता है कि वजन कैसे बढ़ाएं (How To Gain Weight) जिन लोगों का वजन कम होता है या जो दुबले पतले हैं वह खुद से हीन भावना रखते है और उनमें आत्मविश्वास की कमी रहती है. आपने कई ऐसे लड़के-लडकियों को देखा होगा जो यंग होने पर भी इनका शरीर काफी दुबला पतला होता है. चाहे वह कितना भी खा लें लेकिन वजन नहीं बढ़ता है.

सामान्य रूप से दुबलेपन के अन्य कारण हैं:-   

crying पाचन शक्ति में गड़बड़ी के कारण व्यक्ति अधिक दुबला हो सकता है। 

crying मानसिक, भावनात्मक तनाव, चिंता की वजह से व्यक्ति दुबला हो सकता है।

crying यदि शरीर में हार्मोन्स असंतुलित हो जाए तो व्यक्ति दुबला हो सकता है।

crying चयापचयी क्रिया में गड़बड़ी हो जाने के कारण व्यक्ति दुबला हो सकता है।> 

crying बहुत अधिक या बहुत ही कम व्यायाम करने से भी व्यक्ति दुबला हो सकता है। 

crying आंतों में टमवोर्म या अन्य प्रकार के कीड़े हो जाने के कारण भी व्यक्ति को दुबलेपन का रोग हो सकता है।

crying मधुमेह, क्षय, अनिद्रा, जिगर, पुराने दस्त या कब्ज आदि रोग हो जाने के कारण व्यक्ति को दुबलेपन का रोग हो जाता है।

crying शरीर में खून की कमी हो जाने के कारण भी दुबलेपन का रोग हो सकता है।

दुबलापन भी कई बार परेशानी का कारण बन जाता है। अक्सर ये समस्या उन लोगों के साथ होती है, जिन्हें भूख नहीं लगती है। भूख कम लगने के कारण भोजन करने की क्षमता भी कम हो जाती है। इससे शरीर की धातुओं का पोषण नहीं होता। ऐसे में शरीर दुबलेपन का शिकार हो जाता है।

आयुर्विज्ञान के विशेषज्ञों ने अश्वगंधा, शतावरी, कौचा, विदारी, गोखरू, सुनथी,जैसे दिव्य जड़ी बूटियों की विशेषता बतायी है और हमारे आयुर्वेदाचार्यो ने इसे मिला कर एक दिव्य आयुर्वेदिक दवा तैयार किया है जिसे “अश्वरीन प्लस” नाम दिया जो आपको प्राकृतिक तरीके से वजन बढ़ाने में मदद करती है जो आपके पाचन क्रिया को ठीक करती है जिससे आप जब भोजन करते है वो आपके शरीर में लगता है।  नीद पूरी होती है तो मानसिक तनाव से शांति मिलती है.श्वेत रक्त कणिकाओं का निर्माण होता है जिससे आपके बॉडी में शुक्र धातु की पूर्ति होती है और मांस धातु में बृद्धि होती है जिससे आपकी बॉडी प्राकृतिक तरीके से मजबूत होती है।

“अश्वरीन प्लस” के फायदे:-

heart अश्वरीन प्लस में अश्वगंधा, शतावरी, कौचा, विदारी, गोखरू, सुनथीजैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ मौजूद हैं।

heart अश्वगंधा भूख को बढ़ाने में मदद करता  है।

heart विदारी बलवृद्धि में मदद करती है।

heart कौचा तनाव कम करता है, और वजन बढ़ाने में मदद करता है।

heart गोखरू मांसपेसियों को मजबूत करने में मदद करता है।

heart यह शरीर को सप्त धातुओं का पोषण प्रदान करती है।

heart यह शरीर को हस्त-पुस्ट और बलवान बनाने में मदद करता है।

heart अश्वरीन प्लस दुर्बल्य, अनुत्साह और शारीरिक थकावट की समस्या को ख़त्म करता है।

heart अश्वरीन प्लस एक आयुर्वेदिक उत्पाद है जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है।

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